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शाजापुर के इस अस्पताल में एक बेड पर दो मरीज, क्योंकिं….
बिगड़ी जिला अस्पताल की तबीयत, मौसमी बीमारी से बढऩे लगी मरीजों की संख्या
एक ही दिन में 800 के पार पहुंची मरीजों की संख्या, 80 मरीजों को किया भर्ती
शाजापुर. बारिश थमने के बाद अब लोग मौसमी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। सर्दी-जुकाम से लेकर वायरल फीवर के मरीजों में इजाफा हुआ है। जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं, जिनका उपचार चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। सोमवार अचानक बड़ी मरीजों की संख्या से ओपीडी में सुबह से ही लंबी लाइन लगी रही। मरीजों अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इधर भर्ती मरीजों को एक बेड पर दो मरीजों को बॉटल चढ़ाई गई। चिकित्सकों की कमियों का असर भी अस्पताल में देखा गया। वाहनों की संख्या अधिक होने से अव्यवस्थित पार्किंग भी रही। मवेशी परिसर में घूमते रहे।
सोमवार को जिला अस्पताल में ८२३ मरीज पहुंचे। जिनमें से ८० मरीजों को भर्ती किया गया। अमूमन जिला अस्पताल में ५००-६०० के बीच मरीज पहुंचते हैं, लेकिन मौसम के चलते बीमारों की संख्या बढऩे लगी है। आरएमओ डॉ. संजय खंडेलवाल ने बताया कि मौसम के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जिनका उपचार किया जा रहा है। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक सभी मरीजों को देखा जा रहा है। अस्पताल मात्र २०० बेड का भर्ती मरीजों की संख्या बढऩे पर एक बेड पर दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या कम है फिर भी कार्य किया जा रहा है।
बता दें कि करीब एक पखवाड़े से लगातार बारिश का दौर जारी है। जिले में अनेक गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने, तो अनेक जगह जलजमाव की स्थिति बन गई। बारिश थमने के बाद अब लोग बीमार हो रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक ज्यादातर मरीज सर्दी-खासी और बुखार के आ रहे हैं। ५० में १५ मरीज उल्टी-दस्त के भी पहुंच रहे हैं। बता दें कि बारिश के दिनों में गंदे पानी की समस्या हर जगह बढ़ जाती है। जिसके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ता है।
इतने मरीज पहुंचे
मरीज संख्या
महिला ३४१
पुरुष २६१
बच्चे १५८
वृद्ध ६३
भर्ती मरीज
पुरुष २४
महिला ४१
बच्चे १५
बारिश से फूले ओपीडी के दरवाजे
करीब एक साल पहले जिला अस्पताल में ओपीडी में मरीजों को राहत देने के लिए डॉक्टरों के कक्ष में बाहर से गेट लगवाए गए थे। जिससे मरीजों को गलियारे में जाने के बजाए बाहर परिसर से ही डॉक्टर तक पहुंचने लगे, लेकिन गत दिनों हुई बारिश के बाद ओपीडी में डॉक्टरों के कैबिन में लगे लकड़ी की दरवाजे फूल गए, जिससे दरवाजे खुल नहीं पाए। जिससे मरीज कक्ष में प्रवेश नहीं कर सके। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानी उठाना पड़ी। समस्या देख अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल दरवाजे रिपेयर करवाना शुरू किया।
बारिश के थमने के बाद वायरल फीवर बढ़ा है। साथ ही रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को मरीजों की संख्या अधिक रही। अस्पताल २०० बेड का है, अधिक मरीज आने पर एक बेड पर उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की भी कमी है। फिर भी सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है।
– डॉ. संजय खंडेलवाल, आरएमओ जिला अस्पताल